पिछले अध्याय में हमने त्रिकोणमितीय अनुपात बनाना सीखा था। यह अध्याय उन्हीं अनुपातों को असली दुनिया में काम पर लगाता है — किसी मीनार की ऊँचाई बिना चढ़े कैसे निकालें, नदी की चौड़ाई बिना तैरे कैसे नापें, या उड़ते हुए गुब्बारे की ऊँचाई कैसे पता करें। अच्छी ख़बर यह है कि इसमें कोई नया सूत्र याद नहीं करना। बस तीन चीज़ें आनी चाहिए — सही चित्र बनाना, यह पहचानना कि कौन-सा अनुपात लगेगा, और साफ़-सुथरी गणना। हम इन तीनों पर एक-एक करके पकड़ बनाएँगे।
आपकी तैयारी की योजना
- पहले तीन परिभाषाएँ पक्की कीजिए — दृष्टि रेखा, उन्नयन कोण, अवनमन कोण।
- फिर चित्र बनाने का क्रम सीखिए। इस अध्याय में आधे अंक सही चित्र के ही होते हैं।
- उन्नयन वाले प्रश्न हल कीजिए — ये सबसे सीधे होते हैं।
- अवनमन और दो-कोण वाले प्रश्न कीजिए — बोर्ड के लंबे प्रश्न यहीं से आते हैं।
- अंत में अभ्यास प्रश्नावली बिना नोट्स देखे हल कीजिए।
1. दृष्टि रेखा, उन्नयन कोण और अवनमन कोण
जब आप किसी वस्तु को देखते हैं, तो आपकी आँख से उस वस्तु तक जाने वाली काल्पनिक सीधी रेखा को दृष्टि रेखा (line of sight) कहते हैं। और आपकी आँख से क्षितिज के समांतर जाती हुई सीधी रेखा को क्षैतिज रेखा कहते हैं। इस अध्याय के सारे कोण इन्हीं दो रेखाओं के बीच बनते हैं।
- उन्नयन कोण (Angle of elevation) — जब वस्तु आपकी आँख के स्तर से ऊपर हो, जैसे मीनार की चोटी या उड़ता हुआ गुब्बारा। तब आपको ऊपर की ओर देखना पड़ता है, और दृष्टि रेखा तथा क्षैतिज रेखा के बीच बना कोण उन्नयन कोण कहलाता है।
- अवनमन कोण (Angle of depression) — जब वस्तु आपकी आँख के स्तर से नीचे हो, जैसे मीनार की चोटी पर खड़े होकर सड़क पर चलती कार देखना। तब नीचे की ओर देखना पड़ता है, और वही दो रेखाओं के बीच का कोण अवनमन कोण कहलाता है।
2. चित्र बनाने का सही तरीक़ा
इस अध्याय में जो विद्यार्थी अटकते हैं, वे गणना में नहीं अटकते — वे चित्र में अटकते हैं। इसलिए एक तय क्रम बना लीजिए और हर प्रश्न में वही दोहराइए। पाँच क़दम, हर बार वही:
- सबसे पहले एक क्षैतिज रेखा खींचिए — यही ज़मीन है।
- जो चीज़ खड़ी है (मीनार, खंभा, पेड़, इमारत) उसे ज़मीन पर लंबवत खींचिए, यानी $90^\circ$ का कोण बनाते हुए।
- प्रेक्षक या वस्तु की स्थिति को ज़मीन पर एक बिंदु से दिखाइए और वहाँ से चोटी तक दृष्टि रेखा खींचिए। अब आपके पास एक समकोण त्रिभुज है।
- प्रश्न में दिया हुआ कोण सही जगह लिखिए और जो लंबाइयाँ मालूम हैं वे भुजाओं पर लिख दीजिए। जो नहीं मालूम, उसे h या x कह दीजिए।
- अब देखिए कि आपके पास कौन-सी दो भुजाएँ हैं — तभी तय होगा कि sin लगेगा, cos लगेगा या tan।
एक बात और — इस अध्याय के उत्तर अक्सर $\sqrt{3}$ वाले होते हैं। अगर उत्तर दशमलव में माँगा जाए तो $\sqrt{3}$ ≈ 1.732 लेकर गणना कीजिए, वरना उत्तर $20\sqrt{3}$ मीटर जैसे सटीक रूप में ही छोड़ दीजिए। दोनों सही हैं, पर एक ही उत्तर में आधा दशमलव और आधा वर्गमूल मत मिलाइए।
3. उन्नयन कोण वाले हल किए हुए प्रश्न
अब ऊपर बताया हुआ क्रम असली प्रश्नों पर लगाते हैं। हर उदाहरण में मैं जान-बूझकर हर क़दम का कारण भी लिख रहा हूँ — आप भी उत्तर लिखते समय यही आदत डालिए, क्योंकि बोर्ड में क़दमों के अंक मिलते हैं।
चरण 1 — चित्र: ज़मीन पर 8 मीटर की परछाईं, उस पर लंबवत खंभा (ऊँचाई h), और परछाईं के सिरे से खंभे की चोटी तक दृष्टि रेखा, जिसका ज़मीन से कोण $60^\circ$ है।
चरण 2 — अनुपात चुनिए: हमारे पास संलग्न भुजा (8 मीटर) है और सम्मुख भुजा (h) चाहिए — यानी tan।
चरण 3 — समीकरण: $\tan 60^\circ = \frac{h}{8}$, यानी $\sqrt{3} = \frac{h}{8}$।
चरण 4 — हल: $h = 8\sqrt{3}$ मीटर ≈ 13.86 मीटर ($\sqrt{3} = 1.732$ लेने पर $8 \times 1.732 = 13.856$)।
चरण 1 — चित्र: दीवार खड़ी, ज़मीन क्षैतिज, सीढ़ी ही कर्ण है।
चरण 2 — अनुपात: यहाँ संलग्न भुजा (2.5 मीटर) मालूम है और कर्ण (सीढ़ी, मान लीजिए L) चाहिए — इसलिए cos लगेगा।
चरण 3: $\cos 60^\circ = \frac{2.5}{L}$, यानी $\frac{1}{2} = \frac{2.5}{L}$।
चरण 4: तिरछा गुणा करने पर $L = 2.5 \times 2 =$ 5 मीटर।
चरण 1 — चित्र: डोर कर्ण है, पतंग की ऊँचाई सम्मुख भुजा।
चरण 2 — अनुपात: सम्मुख भुजा मालूम, कर्ण चाहिए — इसलिए sin।
चरण 3: $\sin 60^\circ = \frac{60}{L}$, यानी $\frac{\sqrt{3}}{2} = \frac{60}{L}$।
चरण 4: $L = 60 \times \frac{2}{\sqrt{3}} = \frac{120}{\sqrt{3}} = 40\sqrt{3}$ मीटर ≈ 69.28 मीटर। (हर को तर्कसंगत बनाना याद रखिए:$\frac{120}{\sqrt{3}}$ को $\frac{\sqrt{3}}{\sqrt{3}}$ से गुणा करने पर $120\frac{\sqrt{3}}{3} = 40\sqrt{3}$।)
4. अवनमन कोण और दो-कोण वाले प्रश्न
अब वे प्रश्न जिनमें प्रेक्षक ऊपर होता है, या जिनमें दो अलग-अलग कोण दिए जाते हैं। इनसे घबराने की ज़रूरत नहीं — तरीक़ा वही है, बस चित्र में दो समकोण त्रिभुज बनते हैं और दो समीकरण मिलते हैं जिन्हें एक साथ हल करना होता है।
चरण 1 — चित्र: मीनार खड़ी (30 मीटर), कार ज़मीन पर दूरी d पर। चोटी से खींची क्षैतिज रेखा और दृष्टि रेखा के बीच $30^\circ$ का अवनमन कोण है।
चरण 2 — कोण खिसकाइए: क्षैतिज रेखा और ज़मीन समांतर हैं, इसलिए एकांतर कोण बराबर होते हैं — यानी कार के पास बना उन्नयन कोण भी $30^\circ$ है।
चरण 3 — अनुपात: ऊँचाई और ज़मीन की दूरी, दोनों — इसलिए tan। $\tan 30^\circ = \frac{30}{d}$, यानी $\frac{1}{\sqrt{3}} = \frac{30}{d}$।
चरण 4: $d = 30\sqrt{3}$ मीटर ≈ 51.96 मीटर।
चरण 1 — चित्र: स्तंभ बीच में, एक जहाज़ बाएँ, दूसरा दाएँ। दो समकोण त्रिभुज बनेंगे जिनकी साझा ऊँचाई 75 मीटर है।
चरण 2 — पहला त्रिभुज $(45^\circ )$: $\tan 45^\circ = \frac{75}{d_1}$, यानी $1 = \frac{75}{d_1}$, इसलिए $d_1 = 75$ मीटर।
चरण 3 — दूसरा त्रिभुज $(30^\circ )$: $\tan 30^\circ = \frac{75}{d_2}$, यानी $\frac{1}{\sqrt{3}} = \frac{75}{d_2}$, इसलिए $d_2 = 75\sqrt{3}$ मीटर।
चरण 4 — जोड़िए: जहाज़ विपरीत दिशाओं में हैं, इसलिए कुल दूरी $= 75 + 75\sqrt{3} = 75(1 + \sqrt{3})$ मीटर ≈ 204.90 मीटर।
चरण 1 — क्षैतिज दूरी निकालिए: अवनमन $45^\circ$ वाले त्रिभुज में ऊँचाई 7 मीटर है, इसलिए $\tan 45^\circ = \frac{7}{d}$ यानी $1 = \frac{7}{d}$, अतः $d = 7$ मीटर।
चरण 2 — ऊपरी भाग: छत के स्तर से मीनार की चोटी तक की अतिरिक्त ऊँचाई x है। $\tan 60^\circ = \frac{x}{7}$, यानी $\sqrt{3} = \frac{x}{7}$, इसलिए $x = 7\sqrt{3}$ मीटर।
चरण 3 — पूरी ऊँचाई: मीनार = छत की ऊँचाई + ऊपरी भाग $= 7 + 7\sqrt{3} = 7(1 + \sqrt{3})$ मीटर ≈ 19.12 मीटर।
ध्यान दीजिए: यहाँ दोनों त्रिभुजों की क्षैतिज भुजा एक ही है — यही इस तरह के प्रश्नों की चाबी है।
इसी तरह की सोच द्विघात समीकरण के शब्द-प्रश्नों में भी काम आती है — पहले चित्र या स्थिति को समीकरण में बदलिए, फिर हल कीजिए।
अभ्यास प्रश्नावली
हर प्रश्न में पहले चित्र बनाइए, फिर हल कीजिए, और तभी उत्तर देखें पर टैप कीजिए। जहाँ ज़रूरत हो,$\sqrt{3} = 1.732$ लीजिए।
प्र1. एक मीनार के पाद से 20 मीटर दूर एक बिंदु से मीनार की चोटी का उन्नयन कोण $45^\circ$ है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्र2. एक 6 मीटर ऊँचे खंभे की परछाईं $2\sqrt{3}$ मीटर लंबी है। सूर्य का उन्नयन कोण ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्र3. 100 मीटर ऊँची चट्टान की चोटी से एक नाव का अवनमन कोण $30^\circ$ है। नाव चट्टान से कितनी दूर है?
उत्तर देखें
प्र4. एक 20 मीटर लंबी रस्सी एक खंभे की चोटी से ज़मीन तक तनी है और ज़मीन से $30^\circ$ का कोण बनाती है। खंभे की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्र5. एक 1.5 मीटर लंबा विद्यार्थी एक मीनार से 28.5 मीटर दूर खड़ा है और मीनार की चोटी को $45^\circ$ के उन्नयन कोण पर देखता है। मीनार की ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्र6. एक तूफ़ान में पेड़ टूटकर इस तरह झुक गया कि उसकी चोटी ज़मीन को छूने लगी और ज़मीन के साथ $30^\circ$ का कोण बनाने लगी। चोटी पेड़ के पाद से 8 मीटर दूर ज़मीन छू रही है। पेड़ की मूल ऊँचाई ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्र7. एक 80 मीटर चौड़ी सड़क के दोनों किनारों पर बराबर ऊँचाई के दो खंभे खड़े हैं। सड़क पर उनके बीच किसी बिंदु से दोनों खंभों की चोटियों के उन्नयन कोण क्रमशः $60^\circ$ और $30^\circ$ हैं। खंभों की ऊँचाई और बिंदु की दोनों से दूरी ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्र8. एक 50 मीटर ऊँची मीनार की चोटी का किसी बिंदु से उन्नयन कोण $30^\circ$ है। वह बिंदु मीनार के पाद से कितनी दूर है?
उत्तर देखें
1. उन्नयन कोण किन दो रेखाओं के बीच बनता है?
2. यदि किसी मीनार की ऊँचाई और उसकी परछाईं की लंबाई बराबर हों, तो सूर्य का उन्नयन कोण क्या होगा?
3. 40 मीटर ऊँचे खंभे की चोटी से एक बिंदु का अवनमन कोण $45^\circ$ है। वह बिंदु खंभे से कितनी दूर है?
4. एक 12 मीटर लंबी सीढ़ी दीवार के सहारे इस तरह टिकी है कि वह ज़मीन के साथ $30^\circ$ का कोण बनाती है। वह दीवार पर कितनी ऊँचाई तक पहुँचती है?
5. यदि उन्नयन कोण $30^\circ$ से बढ़कर $60^\circ$ हो जाए, तो एक ही ऊँचाई की वस्तु से प्रेक्षक की दूरी पर क्या असर पड़ेगा?
6. एक 30 मीटर ऊँची मीनार के पाद से कितनी दूरी पर उन्नयन कोण $60^\circ$ होगा?
बस इतना ही। इस अध्याय में सफलता का पूरा रहस्य एक ही है — पहले चित्र, फिर गणना। रोज़ दो प्रश्न, पर चित्र बनाकर। अगर त्रिकोणमितीय अनुपात या विशेष कोणों के मान अभी कच्चे लग रहे हों, तो एक बार त्रिकोणमिति का परिचय वाला अध्याय दोहरा लीजिए, और गणना की नींव मज़बूत करने के लिए वास्तविक संख्याएँ भी देख लीजिए।
रोज़ थोड़ा-थोड़ा, पर रोज़ — यही काइज़ेन है। एक दिन में पूरा अध्याय नहीं, हर दिन एक भाग।
