पिछले अध्याय तक आप एक ही चर वाले समीकरण हल करते आए हैं। अब कहानी में एक चर और जुड़ जाता है — और यहीं बहुत से विद्यार्थी घबरा जाते हैं। घबराने की ज़रूरत नहीं है। दो चरों वाले रैखिक समीकरण युग्म (Pair of Linear Equations in Two Variables) असल में एक बहुत सीधा विचार है: दो शर्तें एक साथ दी गई हैं, और हमें वह जोड़ी ढूँढ़नी है जो दोनों शर्तों को एक साथ पूरा करे। इस अध्याय में हम पहले यह समझेंगे कि ऐसा युग्म दिखता कैसा है, फिर ग्राफ़ पर उसका अर्थ देखेंगे, और उसके बाद दो भरोसेमंद बीजगणितीय विधियाँ सीखेंगे। हर विधि को छोटे-छोटे क़दमों में, हल किए हुए उदाहरणों के साथ बनाएँगे — जैसे कोई शिक्षक आपकी कॉपी के पास बैठकर समझा रहा हो।
आपकी तैयारी की योजना
- पहले युग्म का अर्थ पकड़िए — हल का मतलब एक जोड़ी होती है, अकेली संख्या नहीं।
- ग्राफ़ पर तीनों स्थितियाँ देख लीजिए; इससे बाक़ी सब सहज हो जाएगा।
- अनुपात की जाँच सीखिए — बोर्ड में इसका सीधा 1 अंक का प्रश्न आता है।
- प्रतिस्थापन और विलोपन — दोनों विधियाँ अलग-अलग साधिए।
- शब्द समस्याओं में अनुवाद का अभ्यास कीजिए; असली अंक यहीं हैं।
- अंत की प्रश्नावली और प्रश्नोत्तरी से पकड़ पक्की कीजिए।
1. रैखिक समीकरण युग्म आख़िर है क्या
मान लीजिए दुकानदार कहता है — “दो कॉपी और तीन पेन के कुल ₹80 हुए।” यह एक शर्त है, पर इससे अकेले कॉपी या पेन का दाम तय नहीं होता। कई जोड़ियाँ इस शर्त पर खरी उतरेंगी। लेकिन अगर वह एक और बात बता दे — “तीन कॉपी और दो पेन के ₹95 हुए” — तो अब दोनों शर्तें मिलकर दाम को एक ही जगह बाँध देती हैं। यही रैखिक समीकरण युग्म का पूरा विचार है: दो शर्तें, दो अनजान संख्याएँ, और वह एक जोड़ी जो दोनों को एक साथ संतुष्ट करती है।
गणित की भाषा में हम ऐसे युग्म को इस मानक रूप में लिखते हैं — a₁x + b₁y + c₁ = 0 और a₂x + b₂y + c₂ = 0, जहाँ a₁, b₁ दोनों एक साथ शून्य नहीं हैं (और इसी तरह a₂, b₂ भी)। “रैखिक” शब्द इसलिए आया क्योंकि x और y दोनों की घात केवल 1 है — न कोई वर्ग, न कोई गुणनफल xy। यही कारण है कि इनका ग्राफ़ हमेशा एक सीधी रेखा बनता है, कभी मुड़ता नहीं।
ऊपर वाली दुकान की बात को अब समीकरण में बदलिए। कॉपी का दाम x और पेन का दाम y मान लीजिए। पहली शर्त बनी 2x + 3y = 80 और दूसरी बनी 3x + 2y = 95। ध्यान दीजिए, चर चुनते समय हमने साफ़ लिखा कि x किसका दाम है — यह आदत आगे शब्द समस्याओं में बहुत काम आएगी। जाँच के तौर पर देख लीजिए कि x = 25 और y = 10 दोनों शर्तों पर खरे उतरते हैं: 2(25) + 3(10) = 50 + 30 = 80, और 3(25) + 2(10) = 75 + 20 = 95। यही इस युग्म का हल है।
2. ग्राफ़ की भाषा — सिर्फ़ तीन ही संभावनाएँ
हर रैखिक समीकरण एक सीधी रेखा है। तो युग्म का मतलब हुआ — कागज़ पर खींची गई दो सीधी रेखाएँ। अब ज़रा सोचिए: एक समतल पर दो सीधी रेखाएँ आपस में कितनी तरह से पेश आ सकती हैं? बस तीन तरह से। या तो वे किसी एक बिंदु पर काटती हैं, या वे कभी नहीं मिलतीं (समांतर रहती हैं), या फिर वे एक-दूसरे पर पूरी तरह चढ़ी होती हैं। इससे चौथी कोई स्थिति संभव ही नहीं है — और यही बात इस पूरे अध्याय को इतना सुलझा हुआ बना देती है।
इन तीन ज्यामितीय स्थितियों का बीजगणितीय अर्थ इस तरह निकलता है। प्रतिच्छेदी रेखाएँ एक ही बिंदु साझा करती हैं, इसलिए युग्म का ठीक एक हल होता है और युग्म संगत (consistent) कहलाता है। समांतर रेखाओं में कोई साझा बिंदु नहीं होता, इसलिए कोई हल नहीं होता और युग्म असंगत (inconsistent) कहलाता है। संपाती रेखाएँ (एक ही रेखा दो बार लिखी हुई) हर बिंदु साझा करती हैं, इसलिए अनगिनत हल होते हैं; ऐसा युग्म संगत तो है, पर आश्रित (dependent) कहलाता है।
3. बिना हल किए उत्तर की प्रकृति पहचानिए
कई बार प्रश्न हल माँगता ही नहीं — वह सिर्फ़ यह पूछता है कि युग्म के कितने हल होंगे। ऐसे में पूरा हल निकालना समय की बर्बादी है। दोनों समीकरणों को मानक रूप a₁x + b₁y + c₁ = 0 में लिखिए और सिर्फ़ तीन अनुपातों की तुलना कीजिए: a₁/a₂, b₁/b₂ और c₁/c₂। इन तीन भिन्नों को देखकर ही उत्तर बता दिया जा सकता है।
a₁/a₂ = b₁/b₂ = c₁/c₂ → संपाती रेखाएँ, अनगिनत हल (संगत, आश्रित)
a₁/a₂ = b₁/b₂ ≠ c₁/c₂ → समांतर रेखाएँ, कोई हल नहीं (असंगत)
इसे रटने की बजाय समझ लीजिए तो कभी नहीं भूलेंगे। a और b के अनुपात रेखा के ढलान से जुड़े हैं। अगर ढलान अलग हैं, रेखाएँ कहीं न कहीं कटेंगी ही — एक हल। अगर ढलान बराबर हैं, रेखाएँ एक ही दिशा में जा रही हैं; अब सवाल बस इतना है कि वे एक ही रेखा हैं या अलग-अलग। यह फ़ैसला c का अनुपात करता है — अगर वह भी मेल खा गया, तो दोनों दरअसल एक ही रेखा हैं (अनगिनत हल); अगर नहीं खाया, तो वे साथ-साथ चलती दो अलग रेखाएँ हैं जो कभी नहीं मिलतीं (कोई हल नहीं)।
पहले a और b के अनुपात बराबर कीजिए: k/12 = 3/k, यानी k² = 36, जिससे k = 6 या k = −6 मिलता है। यहीं रुक जाना सबसे बड़ी भूल होगी — अभी c का अनुपात जाँचना बाक़ी है।
मानक रूप में c₁ = −(k − 3) और c₂ = −k, तो c₁/c₂ = (k − 3)/k।
k = 6 पर: a₁/a₂ = 6/12 = 1/2 और c₁/c₂ = 3/6 = 1/2 — तीनों अनुपात बराबर! यानी k = 6 पर तो अनगिनत हल मिलते हैं, कोई हल न होने की स्थिति नहीं।
k = −6 पर: a₁/a₂ = (−6)/12 = −1/2 और c₁/c₂ = (−6 − 3)/(−6) = (−9)/(−6) = 3/2 — ये अलग हैं। शर्त पूरी हुई।
इसलिए उत्तर है केवल k = −6।
4. प्रतिस्थापन विधि (Substitution)
ग्राफ़ सुंदर है, पर जब हल भिन्न में आए तो ग्राफ़ से उसे ठीक-ठीक पढ़ना मुश्किल हो जाता है। इसलिए हमें बीजगणितीय विधियाँ चाहिए। पहली विधि का विचार बहुत सीधा है: दो चरों की समस्या को एक चर की समस्या में बदल दीजिए, क्योंकि एक चर वाला समीकरण हल करना आप पहले से जानते हैं।
क़दम 2: यह व्यंजक दूसरे समीकरण में रखिए — अपने ही समीकरण में नहीं।
क़दम 3: अब एक चर वाला समीकरण बचा है; उसे हल कर लीजिए।
क़दम 4: मिला हुआ मान क़दम 1 वाले व्यंजक में रखकर दूसरा चर निकालिए, और उत्तर की जाँच कीजिए।
अब इसे पहले समीकरण में रखिए: 3(y + 3) + 2y = 19 → 3y + 9 + 2y = 19 → 5y + 9 = 19 → 5y = 10 → y = 2।
अब x = y + 3 में रखिए: x = 2 + 3 = 5।
जाँच: 3(5) + 2(2) = 15 + 4 = 19 ✓ और 5 − 2 = 3 ✓। हल है x = 5, y = 2।
5. विलोपन विधि (Elimination)
जब किसी भी चर का गुणांक 1 नहीं होता, प्रतिस्थापन में भिन्नें आने लगती हैं। ऐसे में विलोपन विधि कहीं ज़्यादा सुविधाजनक है। इसका विचार यह है: दोनों समीकरणों को ऐसी उपयुक्त संख्याओं से गुणा कीजिए कि किसी एक चर के गुणांक बराबर परिमाण के हो जाएँ। फिर दोनों समीकरणों को जोड़ या घटा देने पर वह चर पूरी तरह ग़ायब हो जाता है — और बचता है एक चर वाला सीधा समीकरण।
पहला × 2 → 8x + 6y = 50
दूसरा × 3 → 9x − 6y = 18
y के गुणांक +6 और −6 हैं — चिह्न विपरीत, इसलिए दोनों को जोड़ दीजिए: 17x = 68, जिससे x = 4।
अब x = 4 को मूल पहले समीकरण में रखिए: 4(4) + 3y = 25 → 16 + 3y = 25 → 3y = 9 → y = 3।
जाँच: 3(4) − 2(3) = 12 − 6 = 6 ✓। हल है x = 4, y = 3।
अब 3(1) + 4y = 15 → 4y = 12 → y = 3।
जाँच: 7(1) − 2(3) = 7 − 6 = 1 ✓। हल है x = 1, y = 3।
6. शब्द समस्याएँ — कहानी से समीकरण तक
बोर्ड में इस अध्याय के सबसे ज़्यादा अंक शब्द समस्याओं पर ही होते हैं, और यहीं सबसे ज़्यादा विद्यार्थी अटकते हैं। अटकने की वजह गणित नहीं होती — वजह होती है अनुवाद। एक बार कहानी सही-सही दो समीकरणों में उतर गई, तो आगे का काम वही प्रतिस्थापन या विलोपन है जो आप ऊपर सीख चुके हैं।
क़दम 2: कहानी में जितने स्वतंत्र तथ्य दिए हैं, उतने समीकरण बनाइए — दो चरों के लिए ठीक दो चाहिए।
क़दम 3: हल निकालकर उसे कहानी की भाषा में लौटाइए और तर्क से जाँचिए कि उत्तर संभव है या नहीं।
माना पुत्र की वर्तमान आयु y वर्ष और पिता की x वर्ष है।
पहला तथ्य: x = 4y।
दूसरा तथ्य (10 वर्ष बाद दोनों की आयु 10-10 बढ़ेगी): x + 10 = 2.5(y + 10)।
पहला वाला दूसरे में रखिए: 4y + 10 = 2.5y + 25 → 1.5y = 15 → y = 10, और x = 4(10) = 40।
जाँच: आज पिता 40 और पुत्र 10 — चार गुनी ✓। 10 वर्ष बाद 50 और 20, और 2.5 × 20 = 50 ✓। उत्तर: पिता 40 वर्ष, पुत्र 10 वर्ष।
माना अंश x और हर y है।
पहला तथ्य: x + y = 12।
दूसरा तथ्य: x/(y + 3) = 1/2, जिसे तिर्यक गुणा करके सीधा कीजिए → 2x = y + 3, यानी 2x − y = 3।
दोनों को जोड़ दीजिए (y के चिह्न विपरीत हैं): 3x = 15 → x = 5, और फिर y = 12 − 5 = 7।
जाँच: 5 + 7 = 12 ✓ और 5/(7 + 3) = 5/10 = 1/2 ✓। भिन्न है 5/7।
माना एक कुर्सी ₹c और एक मेज़ ₹t की है। तब 2c + 3t = 4200 और 3c + 2t = 3800।
c हटाने के लिए पहले को 3 से और दूसरे को 2 से गुणा कीजिए: 6c + 9t = 12600 और 6c + 4t = 7600। गुणांक समान चिह्न के हैं, इसलिए घटाइए: 5t = 5000 → t = 1000।
अब 2c + 3(1000) = 4200 → 2c = 1200 → c = 600।
जाँच: 3(600) + 2(1000) = 1800 + 2000 = 3800 ✓। कुर्सी ₹600 और मेज़ ₹1000 की है।
अभ्यास प्रश्नावली
हर प्रश्न पहले कॉपी पर पूरा हल कीजिए, उसके बाद ही उत्तर देखें पर टैप कीजिए। जहाँ विधि बताई गई है, वहीं विधि अपनाइए — अभ्यास का मक़सद दोनों विधियों पर पकड़ बनाना है।
प्र1. प्रतिस्थापन विधि से हल कीजिए: 2x + y = 8 और x − y = 1।
उत्तर देखें
प्र2. विलोपन विधि से हल कीजिए: 3x + 4y = 10 और 2x − 2y = 2।
उत्तर देखें
प्र3. विलोपन विधि से हल कीजिए: 7x − 2y = 1 और 3x + 4y = 15।
उत्तर देखें
प्र4. हल कीजिए: 5x + 3y = 35 और 2x − y = 3।
उत्तर देखें
प्र5. बिना हल किए बताइए कि युग्म 6x − 3y + 10 = 0 और 2x − y + 9 = 0 के कितने हल हैं।
उत्तर देखें
प्र6. युग्म 2x + 3y = 7 और 4x + 6y = 14 की प्रकृति बताइए।
उत्तर देखें
प्र7. k के किस मान के लिए युग्म 2x + 3y = 7 और (k − 1)x + (k + 2)y = 3k के अनगिनत हल होंगे?
उत्तर देखें
प्र8. दो संख्याओं का अंतर 14 और योग 46 है। संख्याएँ ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्र9. एक आयत का परिमाप 44 सेमी है और उसकी लंबाई चौड़ाई से 6 सेमी अधिक है। उसका क्षेत्रफल ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
प्र10. 3 पेन और 2 कॉपियों का मूल्य ₹130 है, तथा 5 पेन और 4 कॉपियों का ₹230। एक पेन और एक कॉपी का मूल्य ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
1. x + y = 5 और x − y = 1 का हल क्या है?
2. युग्म 2x + 3y = 7 और 4x + 6y = 5 के कितने हल हैं?
3. जोड़ी (2, 3) निम्न में से किस समीकरण को संतुष्ट करती है?
4. 3x − y = 3 और 9x − 3y = 9 की रेखाएँ आपस में कैसी हैं?
5. विलोपन से 2x + 5y = 20 और 3x − 5y = 5 हल कीजिए। x का मान क्या है?
6. दो संख्याओं का योग 40 है और एक संख्या दूसरी के तिगुने से 4 अधिक है। बड़ी संख्या कौन-सी है?
अगर प्रश्नोत्तरी में चार से कम सही हुए, तो घबराइए मत — ऊपर के अनुपात वाले भाग और विलोपन विधि को एक बार और पढ़िए, फिर प्रश्नावली दोबारा हल कीजिए। यह अध्याय अभ्यास से ही पक्का होता है, पढ़ने भर से नहीं।
रैखिक समीकरण युग्म पर पकड़ बन गई हो तो अगला क़दम वास्तविक संख्याएँ और बहुपद को दोहराना है — तीनों अध्याय मिलकर बीजगणित की नींव बनाते हैं। पूरे विषय के अध्याय हिंदी माध्यम अनुभाग में मिलेंगे।
