बहुपद (Polynomials) कक्षा 10 का वह अध्याय है जहाँ बीजगणित थोड़ा और गहरा होता है, पर डरने की बात नहीं — इसकी पूरी नींव सिर्फ़ दो चीज़ों पर टिकी है: बहुपद का शून्यक (zero) क्या होता है, और वह शून्यक बहुपद के गुणांकों (coefficients) से किस तरह जुड़ा होता है। एक बार यह संबंध समझ में आ जाए, तो द्विघात और त्रिघाती दोनों तरह के बहुपद एक जैसे तर्क से हल होने लगते हैं। हर विचार को हम एक आसान उदाहरण से शुरू करेंगे, फिर उसका सामान्य नियम निकालेंगे। अगर पिछला अध्याय अभी बाकी है, तो पहले वास्तविक संख्याएँ — कक्षा 10 गणित पढ़ लीजिए, क्योंकि वहाँ बनी संख्याओं की समझ यहाँ काम आती है।
- बहुपद क्या होता है और उसकी घात (degree)
- बहुपद का शून्यक और ग्राफ़ से उसका अर्थ
- द्विघात बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में संबंध
- त्रिघाती बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में संबंध
1. बहुपद क्या होता है और उसकी घात (degree)
चर (variable) और स्थिरांक (constant) को जोड़-घटाव और गुणा से मिलाकर बना व्यंजक बहुपद कहलाता है — बशर्ते चर (variable) की घात (power) हमेशा एक पूर्ण संख्या (whole number — यानी 0, 1, 2, 3…) हो। जैसे $3x^2 + 5x-7$ एक बहुपद है, पर $3x^{-1} + 5$ या $3\sqrt{x} + 1$ बहुपद नहीं, क्योंकि इनमें घात पूर्णांक नहीं है।
बहुपद के हर हिस्से को पद (term) कहते हैं, और हर पद के आगे लगी संख्या उसका गुणांक (coefficient) होती है। $3x^2 + 5x-7$ में तीन पद हैं — $3x^2$, $5x$ और $-7$ — और इनके गुणांक क्रमशः 3, 5 और $-7$ हैं। जिस पद की घात सबसे ज़्यादा है, वही बहुपद की घात (degree) तय करती है।
घात के आधार पर बहुपदों के अपने नाम हैं, और कक्षा 10 में मुख्य रूप से तीन प्रकार पर काम होता है।
- रैखिक बहुपद (Linear): घात 1, सामान्य रूप ax + b, जैसे 2x + 3।
- द्विघात बहुपद (Quadratic): घात 2, सामान्य रूप $ax^2 + bx + c$ ($a \neq 0$), जैसे $x^2-5x + 6$।
- त्रिघाती बहुपद (Cubic): घात 3, सामान्य रूप $ax^3 + bx^2 + cx + d$ ($a \neq 0$), जैसे $x^3-6x^2 + 11x-6$।
इस अध्याय में हम मुख्य रूप से द्विघात और त्रिघाती बहुपदों पर काम करेंगे — यही दोनों बोर्ड परीक्षा में सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं।
2. बहुपद का शून्यक और ग्राफ़ से उसका अर्थ
बहुपद p(x) का शून्यक वह संख्या k है जिसके लिए p(k) = 0 होता है — यानी x की जगह k रखने पर पूरा बहुपद शून्य बन जाए। जैसे p(x) = x − 3 में x = 3 रखने पर p(3) = 3 − 3 = 0, इसलिए 3 इस बहुपद का शून्यक है।
ग्राफ़ की भाषा में शून्यक का मतलब बहुत सीधा है — y = p(x) का ग्राफ़ जहाँ-जहाँ x-अक्ष को काटता या छूता है, वही बिंदु उस बहुपद के शून्यक होते हैं। इसीलिए किसी बहुपद के शून्यक निकालने का मतलब है यह पता करना कि उसका ग्राफ़ x-अक्ष से कहाँ मिलता है।
- एकघात बहुपद का ग्राफ़: एक सीधी रेखा होती है, जो x-अक्ष को ठीक एक बार काटती है — इसलिए इसका ठीक एक शून्यक होता है।
- द्विघात बहुपद का ग्राफ़: परवलय (parabola) होता है, जो x-अक्ष को दो बार काट सकता है (दो अलग शून्यक), ठीक एक बार छू सकता है (दोनों शून्यक बराबर), या बिल्कुल नहीं छूता (कोई वास्तविक शून्यक नहीं)।
- त्रिघाती बहुपद का ग्राफ़: x-अक्ष को अधिकतम तीन बार काट सकता है, इसलिए इसके अधिकतम तीन वास्तविक शून्यक होते हैं।
यहाँ से एक सामान्य नियम निकलता है, जो पूरे अध्याय में काम आएगा: किसी भी बहुपद के वास्तविक शून्यकों की संख्या, उसकी घात से ज़्यादा नहीं हो सकती। घात n वाले बहुपद के अधिकतम n शून्यक हो सकते हैं — इससे ज़्यादा कभी नहीं।
3. द्विघात बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में संबंध
मान लीजिए द्विघात बहुपद $p(x) = ax^2 + bx + c$ है, और इसके दो शून्यक $\alpha$ (अल्फ़ा) और $\beta$ (बीटा) हैं। इन दोनों शून्यकों और बहुपद के गुणांकों a, b, c के बीच एक सीधा और बहुत उपयोगी संबंध होता है, जिसे याद रखना पूरे अध्याय की कुंजी है।
शब्दों में कहें तो: दोनों शून्यकों का जोड़, $x$ के गुणांक को $x^2$ के गुणांक से भाग देकर, ऋणात्मक चिह्न के साथ मिलता है। दोनों शून्यकों का गुणनफल, स्थिरांक पद को $x^2$ के गुणांक से भाग देकर मिलता है।
इसी संबंध को उल्टा इस्तेमाल करके, अगर शून्यकों का जोड़ और गुणनफल पहले से पता हों, तो बहुपद ख़ुद बनाया जा सकता है — इसका सामान्य सूत्र है: $x^2-(\alpha + \beta)x + \alpha\beta$। ध्यान रखिए — एक ही जोड़ी शून्यकों वाले अनंत बहुपद हो सकते हैं, क्योंकि $k[x^2-(\alpha + \beta)x + \alpha\beta]$ (जहाँ k कोई भी अशून्य वास्तविक संख्या है) के शून्यक भी वही रहते हैं। जैसे $x^2-5x + 6$ और $2x^2-10x + 12$, दोनों के शून्यक 2 और 3 ही हैं — बस k अलग है। परीक्षा में यह बात याद रखने से ट्रिकी विकल्प वाले सवालों में उलझन नहीं होती।
अभ्यास के लिए दो प्रश्न हल करके देखिए, फिर उत्तर से मिलाइए।
प्र1. बहुपद $6x^2-7x-3$ के शून्यकों का योग और गुणनफल ज्ञात कीजिए, और सत्यापित कीजिए कि ये सूत्र से मेल खाते हैं।
उत्तर देखें
प्र2. ऐसा द्विघात बहुपद बनाइए जिसके शून्यकों का योग 0 और गुणनफल −9 हो।
उत्तर देखें
4. त्रिघाती बहुपद के शून्यकों और गुणांकों में संबंध
त्रिघाती बहुपद $p(x) = ax^3 + bx^2 + cx + d$ के तीन शून्यक होते हैं — मान लीजिए $\alpha$, $\beta$ और $\gamma$ (गामा)। द्विघात जैसा ही एक तर्क यहाँ भी चलता है, बस अब तीन शून्यकों के तीन अलग-अलग संयोजन गुणांकों से जुड़ते हैं।
$\alpha\beta + \beta\gamma + \gamma\alpha = \frac{c}{a}$
$\alpha\beta\gamma = -\frac{d}{a}$
पहला नियम तीनों शून्यकों का सीधा जोड़ है, दूसरा नियम है तीनों को दो-दो के जोड़े में गुणा करके जोड़ना, और तीसरा नियम तीनों का पूरा गुणनफल है। ध्यान दीजिए — जोड़ और गुणनफल दोनों में ऋण चिह्न आता है, बीच वाले पद (जोड़े में गुणा) में नहीं।
ये तीनों सूत्र सबसे ज़्यादा तब काम आते हैं जब प्रश्न में सीधे शून्यक न देकर, शून्यकों के बीच कोई और संबंध (जैसे दो शून्यकों का जोड़ या गुणनफल) दिया गया हो। ऐसे में गुणांकों से मिले तीनों समीकरणों को साथ हल करके अनजान शून्यक निकाले जा सकते हैं।
प्र3. बहुपद $x^3-6x^2 + 3x + 10$ के शून्यकों का जोड़, जोड़ीदार गुणनफलों का जोड़, और पूरा गुणनफल — तीनों सूत्र से ज्ञात कीजिए।
उत्तर देखें
अभ्यास प्रश्नावली
और अभ्यास चाहिए? पूरे अध्याय का बहुपद चैप्टर टेस्ट (उत्तर सहित, अंग्रेज़ी में) हल कीजिए।
1. बहुपद $x^2-7x + 12$ के शून्यकों का योग क्या है?
2. बहुपद $3x^2 + 5x-2$ के शून्यकों का गुणनफल क्या है?
3. त्रिघाती बहुपद $x^3-2x^2-5x + 6$ के तीनों शून्यकों का जोड़ क्या है?
4. बहुपद $x^2-8x + 16$ के कितने भिन्न-भिन्न (distinct) वास्तविक शून्यक हैं?
5. जिस द्विघात बहुपद के शून्यकों का योग 5 और गुणनफल 6 हो, वह बहुपद क्या होगा?
6. त्रिघाती बहुपद (घात 3) के अधिकतम कितने वास्तविक शून्यक हो सकते हैं?
बहुपद का पूरा अध्याय असल में एक ही विचार के दोहराव पर टिका है — शून्यक और गुणांकों का अनुपात। यह अनुपात याद रखिए, और हर सवाल एक जैसे तर्क से खुलने लगेगा।

