छुट्टियों को पूरा दिन पढ़ाई मत बनाइए
- पहले छुट्टियों के कुल दिन और बाकी काम लिखें।
- हर दिन 2 से 3 छोटे पढ़ाई ब्लॉक रखें।
- होमवर्क, रिवीजन और कमजोर टॉपिक को अलग करें।
- आराम, खेल और परिवार के समय को भी प्लान में रखें।
- आखिरी दो दिन सिर्फ बैग, कॉपी और जरूरी रिवीजन के लिए छोड़ें।
छुट्टियां सिर्फ पढ़ाई के लिए नहीं होतीं, लेकिन पूरी तरह बिना योजना के निकल जाएं तो स्कूल खुलने से पहले तनाव बढ़ जाता है। अच्छी छुट्टी वाली पढ़ाई योजना पढ़ाई और आराम दोनों को जगह देती है।
https://principalsaab.com/study-plan-for-school-holidays/
पहले पूरी सूची बनाएं
छुट्टी शुरू होते ही तुरंत लंबा टाइमटेबल बनाने से पहले देखें कि सच में काम कितना है। होमवर्क, प्रोजेक्ट, रिवीजन और कमजोर टॉपिक अलग-अलग लिखें।
- स्कूल होमवर्क।
- प्रोजेक्ट या फाइल का काम।
- पिछले टेस्ट की गलतियां।
- एक या दो कमजोर टॉपिक।
दिन का हल्का ढांचा
छुट्टियों में हर दिन स्कूल जैसी कठोर दिनचर्या जरूरी नहीं है। लेकिन दो-तीन तय पढ़ाई खंड रखने से काम जमा नहीं होता।
- सुबह: 45 मिनट मुख्य काम।
- दोपहर या शाम: 30 मिनट रिवीजन।
- रात: 10 मिनट अगले दिन की सूची।
आखिरी दिनों की योजना
अधिकतर तनाव छुट्टी के आखिरी दो दिनों में आता है। इसलिए आखिरी दो दिन नए बड़े काम के लिए न रखें।
- होमवर्क पूरा हुआ या नहीं जांचें।
- कॉपी और किताबें बैग में रखें।
- एक छोटा रिवीजन करें।
- पहले स्कूल दिन की दिनचर्या देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छुट्टियों में रोज कितनी पढ़ाई करनी चाहिए?
यह कक्षा और काम पर निर्भर है, लेकिन रोज छोटे पढ़ाई खंड बेहतर रहते हैं। पूरी छुट्टी बिना पढ़ाई और फिर आखिरी दिन हड़बड़ी करना तनाव बढ़ाता है।
क्या छुट्टी में सिर्फ कमजोर विषय पढ़ें?
कमजोर विषयों पर थोड़ा ज्यादा ध्यान दें, लेकिन होमवर्क और सामान्य रिवीजन को भी अलग समय दें।
अगर योजना टूट जाए तो क्या करें?
पूरी योजना फेंकने की जरूरत नहीं। अगले दिन सिर्फ सबसे जरूरी काम से फिर शुरुआत करें और सूची छोटी करें।